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ऑफिस की फॉल सीलिंग कैसी होनी चाहिए ?

समस्त ब्रह्मांड में दो प्रकार की ऊर्जाओं का वास होता है। एक होती है सकारात्मक ऊर्जा और दूसरी नकारात्मक ऊर्जा । ऐसे में यदि आपके ऑफिस का वास्तु अच्छा है। तो वह नकारात्मक ऊर्जा को नियंत्रित करता है। ऐसे में यदि आपके ऑफिस की सीलिंग वास्तु के नियमों का पालन करती है। तो वह एक अच्छा रोल निभा सकती है।

सीलिंग हर सभी कर्मचारियों के सिर के ऊपर होती है। इसलिए इसका ध्यान देना बहुत ही जरूरी होता है। ऐसे में सही सीलिंग का प्रयोग करके आप ऑफिस की गतिविधियों को एक नई दिशा दे सकते हैं।

ऑफिस की फॉल्स सीलिंग को लेकर कौन-कौन सी सावधानियां रखना चाहिए ?

  • वर्तमान समय में अधिकांश लोग जगह की कमी के कारण छोटे फ्लोरों में ऑफिस बना लेते है। जिससे सीलिंग भी बहुत ही निचली हो जाती है। वास्तु कहता है, कि यदि सीलिंग ज्यादा निचली है, तो ऐसे में नेगेटिव एनर्जी का प्रवेश हो सकता है। जो कर्मचारियों की सेहत और समृद्धि को खराब कर सकती है।
  • सीलिंग तिरछी तथा मुड़ी हुई नहीं होना चाहिए।
  • ऑफिस के अंदर खुली हुई ओवरहेड बीम नही होनी चाहिए और न ही इसमें किसी प्रकार का कट होना चाहिए। ऐसा होने पर सिर से संबंधित बीमारियां कर्मचारियों को घेर सकती है।
  • यदि ऑफिस में एक्सपोज्ड बीम हैं, तो वहां पर काम करने वाले कर्मचारी काम में अव्वल नही होेंगे और उनका अच्छा नहीं होगा।
  • हमेशा फॉल्स सीलिंग का कलर लाइट, सफेद होना चाहिए, कभी भी सीलिंग में डार्क कलर नही करवाने चाहिए।
  • कर्मचारियों के ठीक माथे के ऊपर ऑफिस में कट नहीं होने चाहिए।
  • दरवाजे के ऊपर भी कट नहीं आना चाहिए।
  • दक्षिण और पश्चिम की सीलिंग सदैव ऊँची रखनी चाहिए।
  • ईशान कोण की फॉल्स सीलिंग नीचे होनी चाहिए।
  • ग्राउंड फ्लोर से फस्ट फ्लोर की सीलिंग छोटी होनी चाहिए। यह ½ या 1/16 के अनुपात में होनी चाहिए।
  • जैसे जैसे ऊपर की मंजिल का निर्माण होता है। ऊपर की छत नीची होनी चाहिए। कम से कम एक इंच तो नीची होनी चाहिए। यह नियम मल्टी स्टोरी बिल्डिंग पर लागू नहीं होता है।

वास्तु विद् - रविद्र दाधीच (को-फाउंडर वास्तुआर्ट)